विप्र संघ जैसी विचारधारा और कहां

आज दिनांक 2 जनवरी दिन बुधवार कादियाँ नगर में विप्र संघ भारत द्वारा आयोजित कार्यशाला का हुआ समापन जिसमे दैनिक प्रार्थना सभा बटाला से मुख्य अतिथि के रूप में श्री जतिंदर नाथ शर्मा तथा उनके सहयोगी श्री सोहन लाल प्रभाकर जी उपस्थित हुए। उनके आने पर विप्र संघ की सभापति विनोद कुमारी शर्मा, अध्यक्ष पूजा तिवारी, उपाध्यक्ष नीरज बाला, मानवधिकार विभाग के सचिव अभिषेक भट्टी, सांस्कृतिक विभाग के सचिव ओमकार शास्त्री, समाजिक सेवा विभाग सचिव ज्योति गुप्ता, राजनीति जागरूकता विभाग से मेघा शर्मा, प्रबंधक साहिल सेठ ने उनको सन्मानित करते हुए भेंट किए फूल। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा की आज देश में इस प्रकार की संस्थाओं का होना बहुत आवश्यक है जो किसी प्रकार की राजनैतिक पार्टी का पक्ष न ले कर निष्पक्ष हो कर समाज के लिए हो रहे अच्छे कार्यों को समर्थन एवं अनुचित कार्यों का विरोध करने के साथ साथ बच्चों को वैज्ञानिक शिक्षा, भारतीय लुप्त होते खेलों के प्रति जागरूकता, मानवाधिकारों को ले कर प्रत्येक व्यक्ति का सहारा बनना तथा भारतीय सभ्यता एवं उसके पीछे छिपे विज्ञान को बच्चों एवं बड़ों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने आगे कहा की विप्र संघ के नाम से यह समष्ट होता है की यह बहुत ही बुध्दिजीवी व्यक्तियों का समूह वं संघठन है जो भारत को आगे लाने के लिए सभी वर्ग के व्यक्तियों को साथ जोड़ रहा है। विप्र संघ से ओमकार शास्त्री जी ने कहा की कुछ लोग इस संघटन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिस्सा समझ रहें है परन्तु यह हमारे विप्र संघ का अर्थ विवेकी व्यक्तियों का संगठन हैं जिसके अपने उद्देश्य तथा विचारधारा है तथा बाकी सभी संगठनों से भिन्न कार्यनीति है। इस संगठन में सबका स्वागत है परन्तु केवल विप्र के रूप में किसी भी राजनैतिक दल एवं धर्म के रूप में नहीं। बच्चों को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव विनय पुष्करणा ने कहा की हम जल्द ही एक नई शिक्षा प्रणाली का गठन करने जा रहे हैं जिसके माध्यम से हम आने वाले बच्चों को इतना जागरूक एवं सक्षम कर देंगे के बड़े से बड़े भ्रष्ट नेता भी उनके सामने थर थर कांपा करेंगे और वैदिक विज्ञान को इतना प्रखर रूप से आगे लाएंगे की बहुत सी पाठशालाएं जो बच्चों को यह सीखा रहीं हैं की अंग्रेजी सीखना बोलना का भाव पढ़े लिखे होना है ऐसी सारी संस्थाएं सीखेंगी कि कैसे हिन्दी एवं संस्कृत पढ़ने वाले बच्चे अंग्रेजी के गुलाम बच्चों से कहीं आगे निकल गए और आज़ाद सोच के बने। इस सभी योजनाओं को पूर्ण रूप हेतु हमे बहुत से सदस्यों का सहयोग चाहिए इस लिए विप्र संघ की अध्यक्ष पूजा तिवारी ने अधिक से अधिक विवेकी लोगों को इस संस्था से जुड़ने को कहा। और अंतिम में सभी बच्चों एवं सदस्यों द्वारा शांति पाठ कर सबके हित की कामना करते इस कार्यक्रम को पूर्ण किया।

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